जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 3 शिक्षकों को किया सस्पेंड, एक टीचर का वेतन रोका, जानिए क्यों हुई बड़ी कार्रवाई
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 3 शिक्षकों को किया सस्पेंड, एक टीचर का वेतन रोका, जानिए क्यों हुई बड़ी कार्रवाई
बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन का काम तेजी से चल रहा है। वहीं इस काम में जो भी अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं उनपर कार्रवाई भी की जा रही है। इसी कड़ी में डीईओ ने बड़ी कार्रवाई की है। डीईओ ने 3 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है तो वहीं एक शिक्षक का वेतन रोका गया है।
मामला मुजफ्फरपुर का है।
जानकारी अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण-2025 कार्यक्रम में कर्तव्य में लापरवाही और शिथिलता बरतने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही एक शिक्षा सेवक का वेतन अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश जारी किया गया है।
नगर आयुक्त की अनुशंसा पर उमवि भगवानपुर मुशहरी के शिक्षा सेवक सह बीएलओ जगलाल चौधरी का वेतन फिलहाल रोक दिया गया है। वहीं प्राथमिक विद्यालय मथुरापुर के शिक्षक सह बीएलओ रमेश कुमार मिश्रा को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा कार्यालय मुशहरी निर्धारित किया गया है।
इसी तरह, कांटी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सह अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) की अनुशंसा पर उमवि प्रतापपुर पूर्वी के शिक्षक सह बीएलओ मृत्युंजय कुमार सिंह को भी निलंबित कर विभागीय कार्रवाई में शामिल किया गया है। उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा कार्यालय मड़वन बनाया गया है। इसके अलावा, राजकीय बुनियादी विद्यालय केशरावां के शिक्षक सह बीएलओ राज कुमार दास को भी निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा कार्यालय कुढ़नी निर्धारित किया गया है। इनके विरुद्ध भी विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी शिक्षकों और बीएलओ को समयबद्ध एवं गंभीरता से कार्य निष्पादन के निर्देश दिए गए हैं।
