70TH BPSE PRE EXAM – हाईकोर्ट में 70वीं बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग पर सुनवाई पूरी, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

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70TH BPSE PRE EXAM – हाईकोर्ट में 70वीं बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग पर सुनवाई पूरी, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

पटना हाईकोर्ट ने 70वीं बीपीएससी सिविल प्रारंभिक परीक्षा पुनः कराये जाने की याचिकायों पर सुनवाई पूरी हो गयी।पप्पू कुमार व अन्य की याचिकाओं पर एक्टिंग चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ इस सम्बन्ध में दायर जनहित याचिका सहित सभी याचिकायों पर सुनवाई पूरी कर निर्णय सुरक्षित रखा है ।राज्य सरकार की ओर से पक्षों को प्रस्तुत करते हुए महाधिवक्ता पीके शाही ने सभी आरोपों को इंकार किया।उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में कोई गड़बड़ी या अनियमितताएँ नही हुई।उन्होंने बताया कि कहीं भी कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है ।उन्होंने बताया कि ये सारे आरोप राजनीति से प्रेरित लगते है।

इससे पहले जस्टिस ए एस चंदेल ने इस मामलों पर सुनवाई कर रहे थे।लेकिन इससे सभी सम्बन्धित मामलों की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ द्वारा की जा रही है । इससे पूर्व जस्टिस अरविन्द कुमार चंदेल ने इन मामलों पर सुनवाई करते हुए राज्य व बीपीएससी को 30 जनवरी, 2025 तक हलफ़नामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था। वरीय अधिवक्ता वाईवी गिरी ने कोर्ट को बताया था कि इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली हुआ,लेकिन बीपीएससी न तो इन मामलों की जांच करा रही है, न ही पुनः परीक्षा लेने को तैयार है। उन्होंने बताया था कि चार लाख उम्मीदवारों की प्रारंभिक परीक्षा 912 केन्द्रो पर 13दिसंबर, 2024 को हुआ।बहुत सारे परीक्षा केंद्रो पर प्रश्नपत्र परीक्षा जारी रहने के दौरान ही लीक होने का आरोप लगाया गया।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि इस परीक्षा के प्रश्नपत्र परीक्षा के दौरान लीक हो गये थे। उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री को दे दी गई थी। उन्होंने कोर्ट को ये भी बताया कि बहुत सारे परीक्षा केंद्रो पर लगे जैमर काम नहीं कर रहे थे। 4जनवरी, 2025 को बापू सभागार केंद्र, पटना में ही आयोग ने पुनः परीक्षा कराया। इस परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को 6 अंक दिये जाने का निर्णय हुआ।इसमें तीन प्रश्न गलत थे, जबकि 2 प्रश्न पिछली परीक्षा से ही था।एक और प्रश्न गलत था।

प्रशांत शेखर की याचिका पर बहस करते हुए वरीय अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि इस परीक्षा में काफी गड़बड़ियाँ और अव्यवस्था रही है।उन्होंने कोर्ट को बताया कि जिस तरह से कुछ परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा रद्द कर 4 जनवरी,2025 को पुनः परीक्षा कराई गई, वह भारतीय संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि कई प्रश्न व उनके उत्तरों के विकल्प गलत रहे। इससे कई परीक्षार्थियों को नुकसान हुआ। इससे काफी उम्मीदवारों का परिणाम प्रभावित हुआ।

पिछली सुनवाई में कोर्ट को वरीय अधिवक्ता यदुवंश गिरी ने बताया था कि बीपीएससी ने न सिर्फ प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया,बल्कि मुख्य परीक्षा की तारीखें भी निकाल दी है। वहीं पटना हाईकोर्ट ने 70वीं बीपीएससी की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।कोर्ट ने पीटी परीक्षा को रद्द करने के लिए दायर आधे दर्जन रिट याचिकाओं, जिनमें आंनद लीगल एड फोरम ट्रस्ट की पीआईएल भी शामिल है, पर एक साथ सुनवाई की थी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने की मांग की गई,लेकिन कोर्ट ने 70वीं संयुक्त बीपीएससी की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। बीपीएससी के वकील संजय पांडेय ने बताया था कि पीटी परीक्षा का रिजल्ट घोषित करने के बाद मुख्य परीक्षा की तिथि भी निर्धारित की जा चुकी है। इन मामलों की सुनवाई 19 मार्च, 2025 को की जाएगी।

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